भगवद गीता (कर्मयोग – तीसरा अध्याय : श्लोक 1 – 43)

अथ तृतीयोऽध्यायः- कर्मयोग (ज्ञानयोग और कर्मयोग के अनुसार अनासक्त भाव से नियत कर्म करने की श्रेष्ठता का निरूपण) अर्जुन उवाच ज्यायसी…

होलिका और इलोजी की प्रेम कहानी जिसका बड़ा ही दुखद अंत हुआ था

हिरण्यकश्यप भगवान् विष्णु को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता था| उसने अपने राज्य में ये घोषणा करा रखी थी की विष्णु की पूजा करने वाला या फिर उसका…

हमारी सोच हमें दुखी करती है – एक प्रेरणादायक कहानी

एक किसान का घर अपने गाँव से बहुत दूर था। वह किसान बहुत अमीर था। उसके घर में किसी प्रकार की कोई कमी नही थी। जीवन में सब कुछ होने के बाद भी वह…

भगवद गीता (सांख्ययोग नामक – दूसरा अध्याय : श्लोक 1 – 72)

अथ द्वितीयोऽध्यायः- सांख्ययोग ( अर्जुन की कायरता के विषय में श्री कृष्णार्जुन-संवाद ) संजय उवाच तं तथा कृपयाविष्टमश्रुपूर्णाकुलेक्षणम्‌ ।…