रुद्रप्रयाग – यहाँ हुए थे भगवान शिव अपने रूद्र रूप में प्रकट

रुद्रप्रयाग मंदिर उत्तराखंड में स्थित है। रुद्रप्रयाग मंदिर हिन्दू धर्म के प्रमुख मंदिरों में से एक है। यह दो नदियों के संगम पर स्थित है- अलकनंदा तथा मन्दाकिनी नदी। यह केदारनाथ…

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शीतला माता की यह पांच बाते जरुर जाने

शीतला माता को चेचक रोग की देवी बताया गया है| आपने सुना भी होगा की उस व्यक्ति या बच्चे के माता निकल गयी, और शरीर पर बहुत सारी फुंसियां हो…

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आइए करें मन की मुरादें पूरी करने वाली वैष्णो माँ के दर्शन

वैष्णो देवी मंदिर भारत के धार्मिक तीर्थ स्थलों में से एक है। यह जम्मू कश्मीर में वैष्णो देवी की पहाड़ी पर स्थित है। वैष्णो देवी को माता रानी तथा वैष्णवी…

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द्रोपदी के अलावा थी अर्जुन की तीन पत्नियां – आपने सही पढ़ा! कौन थीं वह?

द्रोपदी पांचाल देश के राजा द्रुपद की पुत्री थी। द्रोपदी का जन्म महाराज द्रुपद के यहां यज्ञकुंड से हुआ था। अर्जुन द्वारा स्वयंवर जीतने के बाद द्रोपदी का विवाह अर्जुन से हुआ।…

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आखिर ऐसा क्या हुआ था की शनि देव को उनकी ही पत्नी ने दे दिया श्राप

शनि देव, सूर्य देव तथा देवी छाया के पुत्र हैं। शनि देव के कहर से हम सब डरते हैं। शनि देव के अशांत होने से हमारे जीवन में कष्ट आने…

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मांग में लगाए जाने वाले सिंदूर का महत्व

हमने बहुत सी स्त्रियों को मांग में सिंदूर लगाते हुए देखा है। परन्तु हमने कभी यह नही सोचा कि मांग में सिंदूर लगाया क्यों जाता है। सिंदूर किसी भी विवाहित…

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चन्दन के तिलक का धार्मिक तथा वैज्ञानिक महत्त्व

हिन्दू धर्म में बहुत सी परम्पराएं हैं। सब परम्पराओं का अपना ही महत्व है। इनमें से एक परम्परा है माथे पर तिलक लगाना| भारत में पूजा के बाद माथे पर तिलक…

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विवाह के समय लिए गए 7 वचनों का सही अर्थ तथा महत्व

हिन्दू धर्म में विवाह के समय सात फेरे लिए जाते हैं तथा इन सात फेरों के साथ सात वचन भी लिए जाते हैं। माना जाता है कि विवाह के समय लिए…

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बृहस्पति देव का व्रत रखने की आरती, कथा तथा विधि

गुरुवार को भगवान बृहस्पति की पूजा की जाती है तथा गुरुवार का व्रत रखा जाता है। गुरुवार का व्रत रखने का बहुत महत्व है। इससे परिवार में सुख शांति बनी रहती है।…

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हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने के पीछे क्या कारण है? यहाँ जानिये

भगवान हनुमान श्री राम के परमभक्त थे। इसलिए उन्हें रामभक्त हनुमान भी कहा जाता है। श्री राम के परमभक्त हनुमान जी की पूजा करने से जीवन की हर बाधा दूर हो…

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आखिर मौली क्यों बाँधी जाती है? क्या है इसका महत्व, नियम, मंत्र और कारण

मौली को रक्षा सूत्र भी कहा जाता है। इसे धार्मिक कार्य तथा पूजा में अनिवार्य माना जाता है। यज्ञ के दौरान मौली बाँधने की परम्परा तो सदियों से चलती आ…

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