चामुण्डा देवी चालीसा

चामुण्डा देवी की साधना में दुर्गा जी या अम्बे मां की आरती या चालीसा का ही प्रयोग किया जाता है। चामुण्डा देवी दुर्गा माँ के सभी स्वरूपों में से प्रमुख है। चामुण्डा देवी की साधना से मनोकामना पूर्ण होती है। चामुण्डा देवी की चालीसा दोहा नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड । दस हाथो मई ससत्रा धार … Read more

चित्तौड़गढ़ की रानी पद्मावती का इतिहास

इतिहास के अनुसार रानी पद्मावती का असली नाम पद्मिनी था| पद्मिनी सिंघल प्रदेश के राजा गंधर्वसेन और रानी चम्पावती की पुत्री थी पद्मावती के पास हीरामणि नामक तोता था जो की उन्हें प्राणों से भी प्रिय था| राजकुमारी पद्मिनी बहुत ही सुन्दर थी उनके बड़े होने पर उनकी सुन्दरता के चर्चे चारों ओर होने लगे|

राजा गंधर्वसेन ने राजकुमारी पद्मिनी के स्वयंवर का आयोजन किया जिसमे की सभी राजाओं को आमंत्रित किया गया| सभी राजाओं में मलखान सिंह नाम का एक राजा भी था जिसकी ख्याति चारों तरफ फैली ही छोटे से राज्य का शाशक होने के बावजूद उसे स्वयंवर जितने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था|

वहीँ चितौड़ के राजा रावल रतन सिंह एक पत्नी होने के बावजूद उस स्वयंवर में पहुंचे हुए थे| रतन सिंह ने मलखान सिंह को बराबर की टक्कर देते हुए पराजित किया और पद्मावती उनकी रानी बन गयी| रावल रतन सिंह अच्छे शाशक होने के साथ साथ कला प्रेमी भी थे|

उनके राज्य में राघव चेतन नामक एक संगीतकार भी था जो की उनके दरबार की शोभा था परन्तु संगीतकार होने के साथ साथ उसका झुकाव काली शक्तियों की ओर भी था| उसकी इस काले सत्य के बारे में लोगों को तब पता चला जब एक दिन स्वयं राजा ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया|

क्रोध में आकर राजा ने उसे मुंह काला कर गधे पर बिठा कर सारे राज्य में घुमाया इस अपमान से आहत होकर वह राज्य छोड़ कर जंगलों में चला गया| उसी समय दिल्ली का सुलतान अल्लाउद्दीन खिलज़ी भी शिकार के लिए उसी जंगल में पहुंचा हुआ था|

यह जानते ही राघव चेतन के मन में प्रतिशोध की भावना बलवती हो उठी उसने अपनी बांसुरी की मधुर तान लगायी| काले जादू की वजह से सुलतान अल्लाउद्दीन खिलज़ी सम्मोहित हो गया और उसे अपने पास बुलाया|

सुलतान अल्लाउद्दीन खिलज़ी के पास पहुँचने पर उसने उसके सम्मुख रानी पद्मावती की सुन्दरता का बखान किया| रसिक मिजाज़ सुलतान ने रावल रतन सिंह के पास जाकर रानी पद्मावती को देखने की गुजारिश की उसने कहा की रानी तो मेरी बहन के सामान है|

उसकी चाल न समझ कर राजा ने उसे रानी पद्मिनी की छवि आईने में देखने की अनुमति दे दी रानी के सुन्दर रूप को देख कर सुलतान अल्लाउद्दीन खिलज़ी मोहित हो उठा और धोखे से आक्रमण कर राजा को बंदी बना लिया| वहीँ जब रानी को पता चला तो उन्होंने सैनिकों को आखिरी समय तक लड़ने का आदेश दिया और महल की सारी स्त्रियों को लेकर एक विशाल चिता सजाई और उसमें कूद गयी|

पहले के समय में राजपूतों की स्त्रियाँ जौहर करती थी ताकि उनकी इज्ज़त बची रहे मौत भले ही आ जाए पर उनके पति के अलावा कोई और उन्हें हाथ भी ना लगा सके| सभी सैनिक अपनी आखिरी सांस तक लड़े जब सभी को मार कर सुलतान अल्लाउद्दीन खिलज़ी किले में पहुंचा तो उसे रानी पद्मावती तो नहीं मिली बल्कि उनकी चिता की राख ही मिली|

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जय श्री राम – राम भजन सुन के जीवन सफल बनाइये

भगवान श्री राम को दुनिया में हर इंसान ह्रदय से प्रेम करता है| यह एक सत्य है जिसको कोई झुटला नहीं सकता। आईये आज मिल के श्री राम भगवान का भजन कीर्तन करें।

जय शिव ओंकारा – शिव जी की आरती

जय शिव ओंकारा हर ॐ शिव ओंकारा | ब्रम्हा विष्णु सदाशिव अद्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव ओंकारा…… एकानन चतुरानन पंचांनन राजे | हंसासंन ,गरुड़ासन ,वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव ओंकारा…… दो भुज चारु चतुर्भज दस भुज अति सोहें | तीनों रुप निरखता त्रिभुवन जन मोहें॥ ॐ जय शिव ओंकारा…… अक्षमाला ,बनमाला ,रुण्ड़मालाधारी | चंदन … Read more

शनि देव की आरती

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥ जय.॥ श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी। नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥ जय.॥ क्रीट मुकुट शीश रजित दिपत है लिलारी। मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥ जय.॥ मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी। लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥ जय.॥ देव … Read more

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला। श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला। गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली । लतन में ठाढ़े बनमाली;भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक, चंद्र सी झलक;ललित छवि श्यामा प्यारी की ॥ श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की… कनकमय … Read more

असाध्य रोगों से मुक्ति और लम्बी उम्र की प्राप्ति के लिए करे ये उपाय

अगर आप भी असाध्य रोगों से मुक्ति पाना चाहते हैं, साथ ही लम्बी आयु भी प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। भगवान् शिव बड़े ही भोले हैं और अपने भक्तों की सच्चे मन से की गयी पुकार को अनसुना नहीं कर पाते हैं और अपने भक्तों के बुलाने पर … Read more

आओ महिमा गाएं सब शनि भगवन की – Shani Dev Mahima

Shani Dev is one of the most popular deities that the Hindus pray to ward off evil and remove obstacles. Shani is represented as having a dark complexion and is said to be the son of Surya, the sun god, and Chaya, the servant whom his wife Swarna surrogated. He is the brother of Yama, … Read more

भगवद गीता में छिपा है सफलता का सार – गीता सार Geeta Saar Video

अगर हमें जीवन में सफलता पानी है तो इसे पाने का केवल एक ही उपाय है और वह है कर्म। जीवन में बिना कर्म किये हम कुछ नही पा सकते। इसका उल्लेख तो भगवद गीता में भी श्री कृष्ण द्वारा किया गया है। श्री कृष्ण ने गीता में उपदेश दिया है कि इंसान को कर्म करते रहना चाहिए … Read more

चक्रवर्ती राजा दिलीप की गौ-भक्ति कथा – Chakravarthi Raja Dileep Ki Gau Bhakti Katha

शास्त्रो में राजा को भगवान् की विभूति माना गया है। साधारण व्यक्ति से श्रेष्ट राजा को माना जाता है, राजाओ में भी श्रेष्ट सप्तद्वीपवती पृथ्वी के चक्रवर्ती सम्राट को और अधिक श्रेष्ट माना गया है। ऐसे ही पृथ्वी के एकछत्र सम्राट सूर्यवंशी राजर्षि दिलीप एक महान गौ भक्त हुऐ। महाराज दिलीप और देवराज इन्द्र में … Read more

मंगलवार के दिन व्रत रखने से जुड़ी कथा – व्रत ऐसे रखें

मंगलवार का व्रत भगवान हनुमान को प्रसन्न करने के लिए रखा जाता है। इस व्रत का मुख्य उद्देश्य सर्वसुख, राजसम्मान तथा पुत्र प्राप्ति है। ऐसा तो सब जानते हैं कि मंगलवार का व्रत हनुमान जी के लिए रखा जाता है। परन्तु इस व्रत से जुड़ी कहानी को हम में से ज्यादातर लोग नही जानते हैं। आइए जानते हैं भगवान … Read more

शिव शंकर भजन संधया – भोलेनाथ के 10 भजन

शिव भोले को कौन नहीं जानता। ऐसा कोई एक भी इंसान नहीं होगा जो भोलेनाथ से दिल से प्रेम नहीं करता। जो शिव की आराधना करता है उसके सभी बिगड़े काम कुछ ही क्षणों में बन जाते हैं। आइए शिव के भजनों का आनंद लें।